जीवन जीने की कला

खुद की गलती स्वीकारने में कभी संकोच मत करो

गलतिया लाख करो क्योकी आदमी जब गलती करता है तभी वह कुछ नया सीखता है। जो इन्सान कोई भी गलती नहीं करता तो समझ लेना की वो इन्सान कोई भी काम नहीं करता। गलतियों से डरो मत उनका सामना करो। गलतियों पर पर्दा मत डालो। गलतियों पर पर्दा डालने की आदत इंसान को कुछ नया करने से हरवक्त रोख लगाती है। गलतियों से आगे सीखना ही जिन्दगी है। जीवन जीने का मुख्य उद्देश है अपनी गलतियों को सुधारो।
अगर आप नहीं चाहते की आप की गलती सब को पता ना चले तो कोई बात नहीं पर आपकी गलती आप खुद से छुपा रहे हो तो आप गलत ट्रैक पर है। खुद की गलती पर पर्दा डालना ही सबसे बड़ी गलती है।
आज कक जितने भी बड़े व्यक्ती है उनका अगर इतिहास देखा जाए तो पता चलता है वो अपनी गलतियों को सुधारकर ही आगे बढे है।
महात्मा गाँधी जी ने बचपन में चोरी की थी। पर उन्होंने अपने गलती को सुधार कर जिंदगी में कभी भी चोरी नहीं की। आज सब उन्हें महात्मा कहते है।
जीन्दगी में हजार गलतिया करो पर एक गलती हजार बार मत करो।
एक गलती अगर आप हजार बार दोहराते है तो आप मुर्ख ही कहलाओगे। और पहले गलती में ही उसे सुधार लेते है तो आप एक महान व्यक्ती है।

बड़ी बड़ी कम्पनीयो में कंपनी की गलतिया निकालने के लिए एक टीम बनायी जाती है जिनको बोहोत जादा पेमेंट दिया जाता है। इस से कंपनीकी गलती को एनालिसिस कर के फिर से वह गलती न हो इस पर ध्यान दिया जाता है।
अगर इस नियम का उपयोग बिसनेस में हो सकता है तो एक आदर्श जीवन जीने के लिए हम इसे क्यू नहीं इस्तमाल कर सकते? जीवन में अपनी गलतियों को नजरअंदाज मत करो उन्हें एनालिसिस कर के वो फिर से न हो यह प्रयास करो।

जीवन जीने की कला

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