जीवन जीने की कला

समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये, किसी व्यक्ति का नहीं.. क्योंकि अच्छा व्यक्ति भी
गलत विचार रख सकता है..और किसी बुरे व्यक्ति का भी कोई विचार सही हो सकता है..
‘मत’ भेद कभी भी ‘मन’ भेद
        नहीं बनने चाहिए
इस दुनिया में कोण व्यक्ती अच्छा है और कोण व्यक्ती बुरा है यह उसके विचारों से और कर्मो पर डिपेंड होता है।
इस दुनिया में दुनियादारी निभाने के लिए हमें हर अच्छे बुरे व्यक्ती से कांटेक्ट रखना पड़ता है। तो दुनियादारी के लिए सफल जीवन जीने के लिए दुनियादारी निभाने के लिए सभी से बात करनी पड़ती है। आदमी अच्छा या बुरा नहीं होता उसके विचार अच्छे या बुरे होते है।
          
जीवन जीने की कला

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